Saturday, May 16, 2015

White Mulberry


White Mulberry 


   इन दिनों व्हाइट मलबरी (Morus alba) या सफेद शहतूत की चाय डायबिटीज में बहुत चमत्कारी मानी जा रही
है। इसकी पत्तियों में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व, विटामिन और खनिज जैसे बीटा-केरोटीन, गाबा-1, अमाइनो एसिड्स, क्लोरोफिल, विटामिन सी, बी-1, बी-2, बी-6, ए और फाइबर होते हैं। 

   इसकी पत्तियों में ग्रीन टी से 6 गुना, दूध से 25 गुना और बंदगोभी से 40 गुना कैल्सियम होता है तथा ग्रीन टी से ढाई गुना और पालक से 10 गुना आयरन होता है। 100 ग्राम मलबरी की सूखी पत्तियों में 230 मिलिग्राम गामा अमाइनो एसिड (जो ब्लड प्रेशर कम करता है) और 46 ग्राम इटोस्टेरोल होता है जो कॉलेस्टेरोल कम करता है। इसमें उत्कृष्ट एंटीऑक्सीडेंट सवेराट्रोल (जो अंगूर में पाया जाता है), एंथोसायनिन, फ्लेवोनॉयड, ल्यूटिन, जियाजेंथिन, बी केरोटीन और ए केरोटीन पर्याप्त मात्रा में होते हैं। 

मलबेरी के फायदे
  • डायबिटीज - चाइनीज मेडीसिन में मलबेरी डायबिटीज की अहम दवा मानी गई है। इसमें डी एन जे (1-Deoxynojirimycin) नामक तत्व होता है, जो कार्बोहाइड्रेट को पचाने वाले अल्फा-ग्लूकोसाइडेज को निष्क्रिय करता है। जिससे स्टार्च और कार्ब का पाचन धीमा पड़ जाता है और खाने के बाद ब्लड शुगर एक दम से नहीं बढ़ती। यह तत्व सिर्फ शहतूत में ही होता है। डी एन जे की संरचना ग्लूकोज से हू बहू मिलती है, बस इसके अणु में ऑक्सीजन की जगह नाइट्रोजन होती है। जब हम डाइसेकेराइड शर्करा का सेवन करते हैं तो उसका तुरंत विघटन हो कर ग्लूकोज में परिवर्तित होने लगती है। लेकिन यदि हम DNJ का सेवन करते हैं तो ग्लूकोज की जगह DNJ का अवशोषण होने लगता है क्योंकि यह ग्लूकोज से बिलकुल मिलती जुलती होती है। और ग्लूकोज आंत में ही रह जाती है और बिना पचे मल के साथ विसर्जित हो जाती है।
  • यह इम्युनिटी बढ़ाती है और कैंसर में फायदा पहुँचाती है। 
  • रक्त, लीवर और किडनी का शोधन करती है। 
  • कॉलेस्टेरोल कम करती है और हृदय के लिए हितकारी है। 
  • त्वचा का नवेला रखती है और रंग रूप में निखार लाती है। 
  • केश घने और काले बने रहते हैं। 
मात्रा

   डायबिटीज में 2.5-5.0 ग्राम मलबेरी की सूखी पत्तियों की चाय दिन में तीन बार भोजन के पहले पीना चाहिये। इस मात्रा में हमे 9-18 मिलिग्राम DNJ मिल जाता है। मलबेरी शुरू करें तो शुरू के 15 दिन अपनी ब्लड शुगर पर पूरी निगरानी रखें। 

यदि यह चाय प्राप्त नहीं हो सके तो निम्न फोन पर सीधे हमसे संपर्क करें। 

Dr. O.P.Verma
M.B.B.S., M.R.S.H.(London)
7-B-43, Mahaveer Nagar III, Kota Raj. 
http://flaxindia.blogspot.in
Email- dropvermaji@gmail.com
+919460816360


5 comments:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (17-05-2015) को "धूप छाँव का मेल जिन्दगी" {चर्चा अंक - 1978} पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक
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Shri Sitaram Rasoi said...

आदरणीय रूपचन्द्र शास्त्री मयंक जी बस इसी तरह आपका आशीर्वाद बना रहे। आभार।

Shri Sitaram Rasoi said...

White mulberry
Dr. O.P.Verma
M.B.B.S., M.R.S.H.(London)
7-B-43, Mahaveer Nagar III, Kota Raj.
http://flaxindia.blogspot.in
Email- dropvermaji@gmail.com
+919460816360
इन दिनों व्हाइट मलबरी (Morus alba) या सफेद शहतूत की चाय डायबिटीज में बहुत चमत्कारी मानी जा रही है। इसकी पत्तियों में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व, विटामिन और खनिज जैसे बीटा-केरोटीन, गाबा-1, अमाइनो एसिड्स, क्लोरोफिल, विटामिन सी, बी-1, बी-2, बी-6, ए और फाइबर होते हैं।
इसकी पत्तियों में ग्रीन टी से 6 गुना, दूध से 25 गुना और बंदगोभी से 40 गुना कैल्सियम होता है तथा ग्रीन टी से ढाई गुना और पालक से 10 गुना आयरन होता है। 100 ग्राम मलबरी की सूखी पत्तियों में 230 मिलिग्राम गामा अमाइनो एसिड (जो ब्लड प्रेशर कम करता है) और 46 ग्राम साइटोस्टेरोल होता है जो कॉलेस्टेरोल कम करता है।
इसमें उत्कृष्ट एंटीऑक्सीडेंट रेसवेराट्रोल (जो अंगूर में पाया जाता है), एंथोसायनिन, फ्लेवोनॉयड, ल्यूटिन, जियाजेंथिन, बी केरोटीन और ए केरोटीन पर्याप्त मात्रा में होते हैं।
मलबेरी के फायदे
डायबिटीज
चाइनीज मेडीसिन में मलबेरी डायबिटीज की अहम दवा मानी गई है। इसमें डी एन जे (1-Deoxynojirimycin) नामक तत्व होता है, जो कार्बोहाइड्रेट को पचाने वाले अल्फा-ग्लूकोसाइडेज को निष्क्रिय करता है। जिससे स्टार्च और कार्ब का पाचन धीमा पड़ जाता है और खाने के बाद ब्लड शुगर एक दम से नहीं बढ़ती। यह तत्व सिर्फ शहतूत में ही होता है। डी एन जे की संरचना ग्लूकोज से हू बहू मिलती है, बस इसके अणु में ऑक्सीजन की जगह नाइट्रोजन होती है। जब हम डाइसेकेराइड शर्करा का सेवन करते हैं तो उसका तुरंत विघटन हो कर ग्लूकोज में परिवर्तित होने लगती है। लेकिन यदि हम DNJ का सेवन करते हैं तो ग्लूकोज की जगह DNJ का अवशोषण होने लगता है क्योंकि यह ग्लूकोज से बिलकुल मिलती जुलती होती है। और ग्लूकोज आंत में ही रहती है और बिना पचे मल के साथ विसर्जित हो जाती है।
यह इम्युनिटी बढ़ाती है और कैंसर में फायदा पहुँचाती है।
रक्त, लीवर और किडनी का शोधन करती है।
कॉलेस्टेरोल कम करती है और हृदय के लिए हितकारी है।
त्वचा का नवेला रखती है और रंग रूप में निखार लाती है।
केश घने और काले बने रहते हैं।
मात्रा
डायबिटीज में 2.5-5.0 ग्राम मलबेरी की सूखी पत्तियों की चाय दिन में तीन बार भोजन के पहले पीना चाहिये। इस मात्रा में हमे 9-18 मिलिग्राम DNJ मिल जाता है। मलबेरी शुरू करें तो शुरू के 15 दिन अपनी ब्लड शुगर पर पूरी निगरानी रखें।
यह चाय हमसे भी प्राप्त कर सकते हैं।
Flax Awareness Society
flaxindia.blogspot.in

Excellent information, thanks
सर आपको भेजता हूँ, मेरे मनुहार पर एक पेशेंट को देकर देखिए। पता बता और मोबाइल नंबर दें।

Please send to my address
DHRC,H,Krishna apartment, Rangatand, Dhanbad 826001,9934110217

Onkar said...

उपयोगी जानकारी

Kavita Rawat said...

बहुत बढ़िया उपयोगी जानकारी प्रस्तुति हेतु आभार