Saturday, June 18, 2011

Meeting with Swami Ramdev ji

30 मई को  सागर म.प्र. में डॉ. ओ.पी.वर्मा की स्वामी रामदेव जी से भैंट और अलसी पर चर्चा



29 मई को सुबह 11 बजे सागर म.प्र. से मेरे ब्रदर इन लॉ ठाकुर चन्द्रपाल सिंह जी का फोन आया और उन्होंने कहा परम श्रद्धेय स्वामी रामदेव जी का 29 व 30 मई को सागर में कार्यक्रम है और उनके ठहरने कि व्यवस्था हमारे चाचा ठाकुर राजकुमार जी के घर पर की गई है। 29 तारीख का सांय कालीन भोज हमारे चाचा ठाकुर वीरनारायण जी के यहां रखा है और सागर के पूरे कार्यक्रम के मुख्य आयोजक हमारे दोनों चाचा है। मैं लम्बे समय से रामदेव जी से मिलना चाहता था। इसलिए मैं तुरंत अलसी-रथ को लेकर सागर के लिए रवाना हो गया। सांय कालीन भोज के पहले हमारा अलसी-रथ चाचा वीर नारायण जी के निवास पर पहुँच चुका था। 30 तारीख को सागर के स्टेडियम में ऊर्जा से भरपूर स्वामी रामदेव जी ने विशाल जन समूह को योग करवाया और अपनी स्वाभीमान यात्रा तथा भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए 4 जून से शुरू होने वाले सत्याग्रह के बारे में विस्तार से बताया। वे विदेशी बैंकों में जमा पूँजी को हर हाल में भारत लाना चाहते थे। उसके बाद राजकुमार चाचा के निवास पर स्वामी रामदेव जी से मेरी बातचीत हुई। जयपुर से प्रकाशित हनीमनी पत्रिका में उनका साक्षात्कार प्रकाशित करने के संदर्भ में मैंने हनीमनी के विशेष प्रतिनिधि की हैसियत से उनसे कई प्रश्न पूछे और फोटो सेशन भी किया। मैंने उन्हें मेरी पुस्तक अलसी-महिमा भैंट की और उन्हें अलसी के चमत्कारों के बारे में विस्तार से बताया। मैंने उन्हें कहा कि मैं पूरे देश में अलसी की जागरूकता के लिए यात्राएं कर रहा हूँ और उनका आशीर्वाद चाहता हूँ। मेरे लेख उनकी पत्रिका योगसंदेश में भी नियमित प्रकाशित करने के लिए धन्यवाद भी दिया।


बाबा ने मेरे प्रयासों को सराहा और मेरा हौसला बढ़ाया। मैं उनके लिए अलसी-भोग लड्डू भी लेकर गया था। अलसी भोग लड्डूओं में अन्न होने के कारण उन्होंने लड्डुओं को तो ग्रहण नहीं किया परंतु अलसी से बने नीलमधु और सागर की प्रसिद्ध चिरोंजी की बर्फी को उन्होंने बड़े चाव से खाया और बहुत प्रशंसा की। नीलमधु के हमारे काल्पनिक विज्ञापन पर अपना चित्र देख कर वे बहुत हँसे। मैंने उन्हें कहा कि बाबा नीलमधु के इस काल्पनिक विज्ञापन पर आपका चित्र देख कर कई लोग यही समझे कि नीलमधु को पतंजली योगपीठ ही बनाती है और इसे खरीदने के प्रयोजन से आपकी वेबसाइट पर खोजते रहे।

3 comments:

निर्झर'नीर said...

bandhaii swikaren is avismarniiy mulakaat par

sneha choudhary said...

Good Luck....!

Dr. O.P.Verma said...

इस मुलाकात के बाद रामदेवजी अक्सर टीबी पर लोगों को अलसी खाने की सलाह देते नजर आते हैं।