Tuesday, September 19, 2017

Sheila Glad, a new member of our FB group Budwig Protocol gives this awesome comment ...

Sheila Glad, a new member of our FB group Budwig Protocol gives this awesome comment ....

Hey everyone. It will be almost 4 weeks this coming Monday since my mother started Budwig. She was at her primary doctor yesterday, Thursday, and he spoke with her about a living will and basically last wishes. He also told her how her bloodwork from last month was not so good. Everything such as calcium, potassium, magnesium was so low. She was a bit sad to say the least. She told him she was eating differently, juicing, and changing her lifestyle. Doctor said that's good and to continue. It cannot hurt anything. They drew more blood though and said they will monitor her progress monthly.
This Friday morning she received a call from his office. They told her everything was back to normal. Keep in mind, this wasn't a full bloodwork panel, just the metabolic one that includes sodium and the other things I mentioned above. Just wanted to share some positive news and encourage others to keep doing the Budwig protocol/diet.

Thursday, September 14, 2017

कैंसर का बडविग उपचार कैंप और सेमीनार - स्वास्थ्य-सेतु उदयपुर 26-27 अगस्त, 2017


प्रेस –विज्ञप्ति 

दिनांक: 25 अगस्त 2017
कैंसर का बडविग उपचार

इंडिया के जाने-माने शोधकर्ता डॉ ओ.पी.वर्मा ने कैंसर पर विजय के बारे में विस्तार से चर्चा हेतू उदयपुर 26 अगस्त को आ रहे हैl डॉ वर्मा जर्मन डॉ बडविज आहार पद्धत्ति से इलाज करते है जिससे 90% रोगी ठीक हो जाते हैl जर्मनी के डॉ. ओटो वारबर्ग ने कैंसर के कारण की पहचान कर ली थी। उन्हें इस खोज के लिए वर्ष 1931 नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इस ईलाज को पूर्णता तक पहुचाने के लिए डॉ बडविज सात बार नोबेल पुरुस्कार के लिए नामांकित हुई थीl डॉ वर्मा दो दिन तक रोगियों को स्वास्थ्य सेतु में देखेंगेl


बडविग आहार का सबसे मुख्य व्जंजन सूर्य की अपार ऊर्जा और इलेक्ट्रॉन्स से भरपूर ओमखंड है जो अलसी के कोल्ड-प्रेस्ड तेल और लो-फैट पनीर को ब्लेंड करके बनाया जाता है। बडविग उपचार पद्धति से कैंसरमुक्त भारत बनाने का सपना सच किया जा सकता है।


स्वास्थ्य-सेतु, एफ -४०, सेक्टर में उनकी वार्ता ‘कैंसर का बचाव ही उपचार है’ रविवार प्रातः 9.३० बजे रखी गई हैl सभी के लिए प्रवेश निशुल्क हैl रोगी 9828056166पर सम्पर्क करेंl

श्री जयन्ती जैन
रिटायर्ड कमिश्नर सैल्स टेक्स
9414289437
संस्थापक स्वास्थ्य सेतु















Tuesday, September 5, 2017

Maya (Manju) Dwajan

Are We willing to Receive???!! Surprised?..... We wall up so much that even if the help is right in front, we fail to recognize and ASK.
Two weeks ago, was traveling from Mumbai to Surat... All the hustle bustle of everyone getting in, adjusting the luggages happened. I overheard the conversation of making and sending some oils and medicine, before the person got off the train. Once the train started and we were on our way... I asked this gentleman.. What he did and what was the medicines all about??? And that opened a treasure chest for me.
I have been in a phase , where my body kicked up fantastic intensities, nothing seemed to be working. Though I could create Magic for others... my own body was resistant and throwing tantrums. I withdrew from everything... All professional activities... All Energy work !
The gentleman's name is Dr. O P Verma, he specializes in Cancer Cure through Budwig protocol. (NO I DON'T have cancer.. lest everyone jumps in to conclusions). He was so gracious... He sent me the books, many reading material on FLAXSEED and also put me on to the source where I can get the right material. It's been few days since I have started... I can see the difference in my body
Sharing his book and a snap shot of the you tube. Gratitude to you Dr Verma and Mohit Ji .. You were literally God sent.
If you are Open to Receiving... If you Believe in Magic and Miracles.... It can happen anytime... Anywhere



Friends, She is Maya (Manju) Dwajan... I met her recently when I was travelling from Mumbai to Kota. I am proud that such an angle is my friend. She is a spiritual person. She is a Yoga expert, a Saint, a Healer, a Teacher and a motivator. She is self-employed and works for Access Consciousness and Founder of EVOLVE. She also worked in Appolo Hospital and CDR Hospitals, Hyderabad. Big hands for her. Dr O P Verma

Friday, July 7, 2017

सैल्फी गीत



             
       सैल्फी का क्रेज दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। बच्चों से लेकर बड़े तक हर कोई सैल्फी लेने का दीवाना है। सैल्फी टेक्नोलोजी का एक नायाब तोहफा है, स्टाइल है, शौक है। बड़े-बड़े नेता जैसे प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप सैल्फी ले रहे है। डॉ. रमन सिंह करीना कपूर के साथ सैल्फी लेते देखे गए। अपनी पत्नी को भले ही कभी तवज्जो नहीं दिया हो, मगर लोगों को परस्त्री संग सेल्फियाना बड़ा दिलचस्प लगता है। कोई परिजनों के साथ सैल्फी लेते हैं तो कोई गर्ल फ्रैंड के साथ। हम अपने मरीजों के साथ सैल्फी ले लेते हैं।
         लोगों को तो बस सैल्फी लेने का बहाना चाहिए। हर कोई अपने खुशी और मस्ती के लम्हों को सैल्फी में कैद कर लेना चाहता हैं। युवाओं में यह शौक पूरे शबाब पर है, खासकर लड़कियो में। किसी भी पार्टी में जाना हो या ऑफिस, लड़कियां सजधज कर तैयार होती हैं तो आख मटका कर सबसे पहले सैल्फी लेती हैं और वाट्सअप या ट्विटर पर शेयर करती हैं। कुछ लड़कियां अपने बॉय फ्रैंड के साथ सैल्फी लेकर सहेलियों को जलाती है, तो कुछ लड़कियाँ खुद की ही सैल्फी लेकर इतराती हैं। सैल्फी कल्चर आने के बाद तो लड़कियों का कॉस्मेटिक्स और कपड़ों का खर्चा भी बढ़ गया है। ओपो सैल्फी लेने के लिए खास तरह के सेलफोन बना रहा है, तो ओपी सैल्फी गीत लिख रहा है।
       बंगलुरु में तो जर्मन सॉफ्टवेयर ए.जी. कंपनी के इंजिनियर श्री फनी और उनके दोस्तों ने वीकएंड मूवी मेकर्स के बेनर तले सैल्फीनाम की एक शानदार म्यूज़ीकल सस्पेंस फिल्म बनाई है, जो बहुत हिट रही और क्रिटिक्स की भी खूब प्रशंसा बटोरी। इस फिल्म में ऐश्वर्य ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
       इस सैल्फी गीत में महान लेखिका कृष्णा कुमारी और उर्मिला ने भी कुछ मक्तक लिखे हैं और इस रचना में योगदान दिया है। आखिरी मुक्तक हमारे आदरणीय चाचा श्री मधुसूदन खींची के लिए लिखा है। वे भी सैल्फी लेते समय बड़े मस्त अंदाज़ में मुस्कुराते हैं। 

चल यार सैल्फी हो जाए

जब सजधज कर तू आए
और मंद मंद मुस्काए
फिर खुद ही पर इतराए
चल यार सैल्फी हो जाए

गोरा चेहरा कजरारी आँखें
जुल्फें गालों पर बिखराए
हर पल ऊत्सव बन जाए
चल यार सैल्फी हो जाए

तू झूम झूम कर गाए
कमर तनिक लचकाए
मौसम रूमानी हो जाए
चल यार सैल्फी हो जाए

तू रूप गर्विता नारी
तू सच में है सुकुमारी
रूप के आल जाल बिखराये
चल यार सैल्फी हो जाए

मनमोहक तेरी अदाएं
तुझे देख के मन ललचाए
सिलसिला प्यार का हो जाए
चल यार सैल्फी हो जाए

तू चपल चंचला नारी 
तू है मदमस्त शिकारी 
तुझसे कोई ना बच पाए 
चल यार सैल्फी हो जाए

रिमझिम सावन जब आए
काले बादल घिर आए
आओ पिकनिक पर जाएं
चल यार सैल्फी हो जाए

खुशियों के दीप जलाए
तू सबके दिल को भाए
फ्लैक्स परी कहलाए
चल यार सैल्फी हो जाए

तू अलसी माखन खाए
और रंग रूप चमकाए
तू बुद्धिमान बन जाए
चल यार सैल्फी हो जाए

मोदी विदेश जब जाएं
तो मंहगा सूट सिलाएं
सीना छप्पन हो जाए
चल यार सैल्फी हो जाए

क्या अच्छे दिन आएंगे
या यूँ ही दिल बहलाए
निर्धन का दर्द सुनाएं
चल यार सैल्फी हो जाए

साथ साथ हम सारे
नभ के झिलमिल तारे
मंद मंद चंदा मुस्काए
चल यार सैल्फी हो जाए

लाखों में तुम एक हो
इन्सान बड़े ही नेक हो
आओ गपशप हो जाए
चल यार सैल्फी हो जाए

Sunday, July 2, 2017

एक्ट्रा स्केलेटल मिक्सोयड कोंड्रोसारकोमा ऑफ राइट आर्म

          मैं, सोनम टंडन उम्र 38 वर्ष शाहदरा दिल्ली, पिछले सात महीने से एक एग्रेसिव कैंसर “एक्ट्रा स्केलेटल मिक्सोयड कोंड्रोसारकोमा ऑफ राइट आर्म” से पीड़ित हूँ, लंग में भी मेटास्टेसिस हो गए हैं। यह मेरा दुर्भाग्य है कि मेरे दो छोटे-छोटे बेटों की मृत्यु कैंसर से हो चुकी है और अब मुझे यह सारकोमा हो गया है। मेरे पति ने इंटरनेट से डॉ ओ पी वर्मा का पता लिया और कल मैं डॉ ओ पी वर्मा के बडविग वेलनेस, कोटा में भरती हुई। 
Sonam Tandon
           नाश्ते में मुझे ग्रीन टी और ओमखंड दिया गया। मुझे बहुत डर था कि अलसी के तेल और पनीर से बने ओमखंड का पता नहीं कैसा स्वाद होगा, शायद कड़वा लगेगा। परंतु प्रीति और उर्वशी ने इतना स्वादिष्ट ओमखंड बनाया कि उसकी जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। मैंने पूरा ओमखंड बड़े चाव से खाया। फिर मुझे कॉफी एनीमा और सोडा बाईकार्ब बाथ दिया गया। बाथ और एनीमा के बाद मैं बहुत रिलेक्स्ड फील कर रही थी। इसके बाद मुझे ज्यूस दिऐ गए। इसके बाद मुझे अच्छी भूख लगी और मुझे कुट्टू का स्वादिष्ट उपमा खिलाया गया। शाम तक तो मुझे ऐसा लगने लगा जैसे मेरी 25 प्रतिशत बीमारी ठीक हो गई हो।
Sonu Tandon
 
          अब मुझे पूरा विश्वास हो गया है कि मैं जल्दी ही पूरी तरह ठीक हो जाऊँगी। यहाँ हमें घर जैसा माहौल मिला। यहाँ का पूरा स्टाफ बहुत सेवाभावी है। जैसा हमने सुना था, बडविग प्रोटोकोल सचमुच कैंसर का बहुत उत्तम उपचार है। मैं डॉ ओ पी वर्मा की बहुत आभारी हूँ। कैंसर के हर रोगी को इस संस्थान में आकर बडविग उपचार लेना चाहिए।